पिता ने घर बेचकर पढ़ने के लिए भेजा दिल्ली, जानिए गरीबी से जूझकर IAS ऑफिसर बनने वाले प्रदीप सिंह की प्रेरक कहानी
‘’लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’’। यह पंक्तियां IAS ऑफिसर बने 21 साल के प्रदीप सिंह के जीवन पर एकदम सटीक बैठती हैं। साल 2019 की यूपीएससी सीएसई परीक्षा में 26वीं रैंक लाने वाले प्रदीप ने IAS ऑफिसर बनने तक हार नहीं मानी। उनकी पढ़ाई पूरी कराने और अच्छी कोचिंग दिलाने के लिए प्रदीप के पिता ने अपना मकान तक बेच दिया। जिसके बाद प्रदीप कोचिंग करने दिल्ली आए। अपने पहले अटेम्प्ट में ही उन्हें 93वीं रैंक प्राप्त हुई थी, लेकिन IAS सेवा पाने के लिए प्रदीप ने फिर से कोशिश की और मैदान में कूदे जिसके बाद आखिरकार उन्हें सफलता प्राप्त हुई। उन्हें IAS की परीक्षा में 26वीं रैंक प्राप्त हुई। एक साधारण परिवार से IAS ऑफिस बनने तक का सफर तय करना प्रदीप सिंह के लिए इतना आसान नहीं था। आइए जानते हैं उनके संघर्ष और सफलता का प्रेरणादायी सफर। पिता करते हैं पेट्रोल पंप पर काम और बेटा बना IAS ऑफिसर प्रदीप सिंह मूल रूप से बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं। लेकिन वर्तमान में इनका परिवार मध्य प्रदेश के इंदौर में रहता है। प्रदीप जब पांच साल के थे तब उनका परिवार गोपालगंज से इंदौर ...